- वैशाली जिले में है एक ऐसा मंदिर जहां बहती है दूध की नदी
- मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हैं बाबा बसावन, बाबा बख्तौर और माता गहिल
Sunday, July 26, 2020
बाबा भुइंया मंदिर - जहां बहती है दूध की नदी
Thursday, July 23, 2020
राजस्थान में कांग्रेस ने अपने पैर पर मार ली कुल्हाड़ी
- दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान पायलट ने पूरे चुनाव को फ्रंट से लीड किया था।
- सचिन पायलट के कांग्रेस छोड़ने से गुर्जर भविष्य में कांग्रेस से दूर हो सकते हैं ।
कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट, महाराजा विश्वेन्द्र सिंह व रमेश मीणा को उनके पद से हटा दिया है। साथ ही युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मुकेश भाकर व सेवादल अध्यक्ष राकेश पारीक को भी उनके पद से हटा दिया है। इसके बाद राज्य के शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। इनके स्थान पर विधायक गणेश घोधरा को युवक कांग्रेस व हेमसिंह शेखावत को सेवादल का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने भी पायलट के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
अभी पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है । संक्रमण के दौर में जहां सरकार को अपनी पूरी ताकत कोरोना पर काबू पाने के प्रयास करने में लगानी चाहिए। वहींं गहलोत सरकार के मंत्री आपस में ही लड़ रहे हैं। और प्रदेश में कोरोन तेजी से अपने पैर पसार रहा है ।प्रदेश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 25 हजार की संख्या को पाकर चुकी है। विधानसभा चुनाव के बाद जहां सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे। वहींं अशोक गहलोत दिल्ली में जोड़-तोड़ कर मुख्यमंत्री बन गए थे। राजस्थान में तब से ही दोनों नेता एक दूसरे को कमजोर करने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं।
कांग्रेस आलाकमान द्वारा राजस्थान में इस लड़ाई को रोकने की दिशा में कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई थी, जिस कारण इनकी लड़ाई दिन प्रतिदिन बढ़ती ही गई। आज स्थिति सचिन पायलट द्वारा पार्टी से बगावत करने तक पहुंच गई है। जब राजस्थान में दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव मेंकांग्रेस को बहुमत मिला तो प्रदेश के हर कांग्रेसी को यही लग रहा था कि युवा नेता सचिन पायलट का मुख्यमंत्री बनना तय है । राजस्थान के प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे गहलोत और पायलट में सुलह करवाते। मगर अविनाश पांडे सुलह कराने की बजाय खुद गहलोत के पक्ष में खड़े नजर आते रहे। राज्यसभा के चुनाव थे उस वक्त भी गहलोत और पायलट खेमे में खुलकर टकराव हुआ था।
फरवरी 2014 में जब सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया उस वक्त राजस्थान में कांग्रेस के मात्र 21 विधायक थे। दिसंबर 2013 में संपन्न हुए राजस्थान विधानसभा के चुनाव में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस बुरी तरह हार चुकी थी । ऐसे में सचिन पायलट ने प्रदेश अध्यक्ष बनते ही राजस्थान के हर जिले का धुआंधार दौरा किया व कार्यकर्ताओं से मिलकर उन्हें काम करने के लिए प्रेरित किया था। दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव में जब राजस्थान में कांग्रेस को बहुमत मिला तो प्रदेश के हर कांग्रेसी को यही लग रहा था कि युवा नेता सचिन पायलट का मुख्यमंत्री बनना तय है। क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस को उबारने में जितनी मेहनत सचिन पायलट ने की थी। उतनी शायद ही अन्य किसी नेता ने नहीं की थी।
विधानसभा चुनाव सचिन पायलट ने पूरे चुनाव को फ्रंट से लीड किया था। पायलट ने राजे सरकार की नाकामियों को आम जन जन तक पहुंचाया था। जिस कारण लोगों को लगा था कि एक युवा नेता के नेतृत्व में सरकार ब केनने से कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर काम करेगी।मगर जैसे ही चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आए। अशोक गहलोत ने अपने दिल्ली संपर्कों के बल पर मुख्यमंत्री बन गए। गहलोत के मुख्यमंत्री बनते ही पायलट समर्थको में जबरदस्त विरोध देखा गया था। मगर उस वक्त कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस के अन्य बड़े नेताओं ने पायलट को मना कर उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवा दी। इसके बाद 2018 में गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेसी सभी 25 सीटों पर बुरी तरह हार गई थी...
ऐसा नहीं है कि सचिन पायलट ने यकायक बगावत कर दी हो। उन्होंने अपनी उपेक्षा की शिकायत बार-बार कांग्रेसी आलाकमान से की थी। मगर आलाकमान ने जो एक समन्वय समिति का गठन किया वह महज कागजी साबित हुई।मौजूदा घटनाक्रम में भले ही अशोक गहलोत विजेता बन के उभरे हो। मगर कांग्रेस को इसका खामियाजा आने वाले दिनों में उठाना पड़ सकता है। सचिन पायलट के कांग्रेस छोड़ने से राजस्थान में प्रभावशाली गुर्जर जाति के मतदाता भी भविष्य में कांग्रेस से दूर होंगे। सचिन पायलट युवा हैं तथा उनके पास राजनीति करने को बहुत समय है। यह कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं है। कांग्रेस में सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अशोक तंवर जैसे नेताओं को पार्टी छोड़ने से नहीं रोका गया तो दिन प्रतिदिन जनाधार खोती जा रही कांग्रेस को बचा पाना मुश्किल ही नहीं असंभव होगा।
जादूगर से उलझ बैठे सचिन पायलट
- अपनी सूझबझ से बड़े-बड़े धुरंधरों को पटखनी देने वाले सियासी जादूगर हैं गहलोत
- हर सचिन खिलाड़ी नहीं होता औऱ हर पायलट उड़ान नहीं भर सकता
अभी ताजा उदाहरण ही लीजिए पायलट प्रकरण पर उनका एक बयान आया था-जब उन्होंने जयपुर में पायलट को खूब खड़ी-खोटी सुनाया । पायलट को निकम्मा और नकारा तक कहा । उन्हें काम नहीं करने वाला नेता बताया । गहलोत ने यहां कहा कि मैं बैंगन बेचने नहीं आया हूं । कोई सब्जी बेचने नहीं आया हूं । मैं मुख्यमंत्री बन करके आया हूं । गहलोत के मजबूत आत्मविश्बास को झलकाने वाले इन बयानों को हल्के में लेने की भूल किसी को नहीं करनी चाहिए । ऐसे बयान किसी भी पाशा को पलटने के लिए काफी हैं। इस बयान के पीछे इनके राजनैतिक सूझबूझ की झलक दिख रही है ।उनका मजबूत आत्मविश्वाश झलक रहा है । गहलोत आसानी से हार मानने वाले नेता नहीं है । शांत समुंद्र अपने साथ बड़ी तबाही लेकर आता है ।
Tuesday, July 21, 2020
काला धान की खेती करके अपनी आमदनी दोगुनी कर सकते हैं किसान
क्या है काला धान
पारंपरिक से कुछ अधिक होती है पौधे की लंबाई
काले धान के पौधे की लंबाई कुछ अधिक होती है। पारंपरिक धान के पौध की लंबाई साढ़े तीन से चार पुट होती है जबकि काले धान के पौध की लंबाई चार फुट से साढ़े चार फुट तक होती है । इस धान के खेती के लिए अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होता है ।यह कम पानी में भी आसानी से हो जाता है ।साथ ही तैयार होने में भी अधिक समय नहीं लगता है । अमूमन यह 120 दिनों में तैयार हो जाता है ।
सेहत और कमाई दोनों साथ- साथ
विटामिन व एंटी ऑक्सीडेंट का खजाना
ऑनलाइन बीज है उपलब्ध
Monday, July 20, 2020
आदमी घर क्यों बसाता है... सिर्फ अपने अधूरेपन को दूर करने के लिए ।
जोरम मेगा फूड पार्क 5000 लोगों को रोजगार देगा : हरसिमरत कौर बादल
Sunday, July 19, 2020
5 अगस्त को राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन संभावित
प्रस्तावित राम मंदिर का निर्माण साढ़े तीन साल में पूरा होगा
शिक्षा सबको मिलनी चाहिएऔर बराबर मिलनी चाहिए साहब...Everyone should get education and should get equal sir
शिक्षा सबको मिलनी चाहिएऔर बराबर मिलनी चाहिए साहब...इसके अभाव में इंसान को जीवन बड़ा कठिन होता है।हमारा समाज जो लोग पढ़े लिखे नहीं होते हैं उसे बहुत उपेक्षित भाव से देखता है।निरादर करता है ।उनके विचारों को गंभीरता से नहीं लेता है। लेकिन इतिहास साक्षी है कम पढ़े लिखे लोगों ने अपने जीवन में बहुत सारे असाधारण काम किए है, जिसका लाभ सदियों तक आमजन उठाते रहे हैं । इसके बारे में एक बार स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि हमारे देश के सभी अनर्थों की जड़ में गरीबी है । हमारे देश के जो गरीबजन है उनको शिक्षित करना हमारा ,उन्हें सिखाना कि इस संसार में तुम भी एक मनुष्य हो ...तुम सब भी प्रयास करके विकास कर सकते हो...अभी वे लोग जो भाव तो खो बैठे हैं...
Everyone should get education and should get equal sir
Saturday, July 18, 2020
समानता के लिए सघंर्ष करता दिव्यांग समाज....
झांसी की रानी की समाधि स्थल......एक यात्रा
राजपथ दिखेगा स्टार्टअप का आइडिया.....
इस झांकी में स्टार्टअप के विभिन्न आयामों और सरकार द्वारा मिली रही तमाम सुविधाओं को दर्शाया जाएगा। साथ ही इस झांकी में यह दिखाया जाएगा कि स्टार्टअप का आइडिया कैसे अस्तित्व में आया।और नवाचारों ने भारत के लोगों के जीवन को कैसे प्रभावित किया।
झांकी में सबसे आगे एक सृजनात्मक दिमाग दर्शाया जाएगा, जो दुनिया की वास्तविक समस्याओं का समाधान निकालने के लिए नये विचारों से पूर्ण होगा।इसके बाद झांकी के मध्य में स्टार्टअप इंडिया ट्री होगा, जो स्टार्टअप को मिल रही विभिन्न सुविधाओं को दर्शाएगा। झांकी के पिछले हिस्से में दिखाया जाएगा कि इसने किस तरह आर्थिक वृद्धि को गति दिया और इससे बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए।
दरअसल ,स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, इसका मुख्य उद्देश्यसतत आर्थिक विकास को गति देना और बड़े स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन करना है।
16 जनवरी, 2016 को शुरू की गई स्टार्टअप इंडिया में 28 राज्यों एवं 7 केन्द्र शासित प्रदेशों के 551 जिलों में 26,000 से अधिक स्टार्टअप कंपनियां हैं।
फिटनेस को बढ़ाव देने के लिये रेलवे की अनोखी पहल.....
आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर फिटनेस को प्रोत्साहित करने के लिए यह अनूठा प्रयोग किया गया है।रेल यात्रियों के बीच उठक बैठक कर निशुल्क प्लेटफार्म टिकट देने की पहल कौतूहल का विषय बना हुआ है।कई लोग रेलवे की इस पहल की सराहना भी कर रहे हैं।
खेल मंत्री किरण रिजिजू ने अपने ट्वीट में इसे रेलवे का एक अनोखा तथा गजब का प्रयोग बताया है। और कहा है कि इससे स्वास्थ्य के साथ बचत भी होगा। उन्होंने आम जनता से प्रधानमंत्री के फिट इंडिया मूवमेंट से जुड़ने के लिये अपील की।
एक दूसरे ट्वीट में दादी प्रकाशी तोमर ने कहा कि यह सही है भाई प्लेटफार्म टिकट भी एक्सरसाइज करके फ्री में ले लो और चलते फिरते सेहत भी बनाओ ट्रेन भी पकड़ो। उन्होंने इस पहल के लिये रेलमंत्री पीयूष गोयल की सराहना की।
महिला पहलवान गीता फोगाट ने भी ट्वीट कर इसे रेलवे की अच्छी शुरुआत कहा। उन्होंने आगे कहा कि इससे फिट इंडिया मूवमेंट को गति मिलेगी। यह एक अच्छी शुरूआत है।इस सेवा का लाभ उठाने के लिए 3 मिनट में तीस उठक बैठक करना होगा। यात्रियों को स्वास्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिहाज़ से भारतीय रेल ने इसकी शुरूआत आनंद विहार रेलवे स्टेशन से की है।
गौरतलब हो कि आनंद विहार रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह विकसित किया जा रहा है। इस कारण यात्रियों के लिए कई तरह की सुविधाओं को आनंद विहार स्टेशन पर मुहैया कराया जा रहा है।उसी दिशा में उठाया गया यह एक कदम है ।
कोरोना से लड़ाई में सभी हैं सुपर हीरो
पूरी दुनिया कोरोना से है त्रस्त
कोरोना से लड़ाई में एक जाट की व्यथा
कोरोना वायरस से उपचार और रोक थाम के लिए आवश्यक उपकरणों के खरीदने में किया जाना है इस राशि का उपयोग किया जाएगा
आखिर राघोपुर और महुआ ही क्यूं
दोनों विधानसभा क्षेत्र के लोगों को क्या मिला लाभ
और अंत में
नहीं रहे बॉलीवुड के मशहूर एक्टर इरफान खान
मदर्स डे 2020
कैसे हुई मदर्स डे की शुरुआत
आप भी इस दिन को बना सकते हैं यादगार
पटना के इतिहास का एक कोना ढह गया आज
वीर सावरकर के खिलाफ काम कर रही विचारधारा का विश्लेषण
अमानवीय कृत्य पूरी 'इंसानियत' को शर्मसार करते हैं
Friday, July 17, 2020
सोने के पानी से लिखी मिलीं किताबें
पत्रकारिता 1
पत्रकारिता का जंतर-मं तR प्रेस विज्ञप्तियों का अपना मिजाज होता है अखबार के दफ्तरों में प्रेस ब्रीफिंग, प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रेस विज्ञप्ति बहु...
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पटना में इग्नू यानी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय केन्द्र मीठापुर में है। पहले यह गांधी मैदान के पास बिस्कोमान भवन...
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अविनाश मिश्रा। रेल मंत्रालय ने 2030 तक भारतीय रेल को पूरी तरह से हरित ऊर्जा से संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है । ग्लोबल वार्मिंग और...
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ये है शाम्भवी विजय है।इनके साथ मेरा यही एक मात्र और दुर्लभ तस्वीर है।भाई समान मित्र @shubham के सौजन्य से यह तश्वीर गर्भगृह से बाहर निकल पाय...









