Saturday, July 18, 2020

कोरोना वायरस से उपचार और रोक थाम के लिए आवश्यक उपकरणों के खरीदने में किया जाना है इस राशि का उपयोग किया जाएगा

हाजीपुर संसदीय क्षेत्र में पाँच विधानसभा क्षेत्र है। जिनके नाम हाजीपुर, लालगंज, महनार, महुआ, राजापाकर और राघोपुर हैं। इनमें से दो विधानसभा क्षेत्र राघोपुर और महुआ के लिए बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने एक करोड़ रुपये दिए।इस राशि का उपयोग कोरोना वायरस से उपचार और रोक थाम के लिए आवश्यक उपकरणों के खरीदने में किया जाना है।इस राशि में से दोनों विधानसभा क्षेत्र में 50 -50 लाख रुपये उपयोग किया जाएगा।

आखिर राघोपुर और महुआ ही क्यूं

राबड़ी देवी बिहार की भूतपूर्व मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने तीन बार राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य के रूप में मुख्यमंत्री का पदभार संभाला। पहली बार राबड़ी देवी राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुईं थी।इसके बाद वह बिहार की मुख्यमंत्री बनी।वर्तमान में राघोपुर और महुआ विधानसभा की दोनों सीटों पर राजद का मजबूत पकड़ है। मजबूत पकड़ इसलिये कहा जाएगा क्योंकि इन दोनों विधानसभा सभा क्षेत्र में राजद के परंपरागत वोटरों का संख्याबल अधिक है। इसी सीट से राबड़ी देवी और लालू यादव के दोनों पुत्र निर्वाचित हुए। राबड़ी देवी के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव महुआ से और छोटे बेटे तेजस्वी यादव राघोपुर से चुने गए। इसके तेजप्रताप यादव बिहार के स्वास्थ्य मंत्री बने। जबकि जदयू -राजद के महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया।

दोनों विधानसभा क्षेत्र के लोगों को क्या मिला लाभ

स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद तेजप्रताप यादव ने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए। इसमें सबसे प्रमुख कार्य क्षेत्र के लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग मेडिकल कॉलेज खोलने की पूर्ति करना रहा ।स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने इस दिशा में तेजी से कदम उठाते हुए महुआ विधानसभा में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए अग्रणीय भूमिका निभाई। अब क्षेत्र में यह मेडिकल कॉलेज अपना आकार ले रहा है।
लालू यादव के छोटे बेटे यानी तेजस्वी यादव को उनका उत्तराधिकारी कहा जाता है। लालू यादव के समर्थक उनमें बिहार के मुख्यमंत्री की झलक देखते हैं। लालू यादव की तरह ही तेजस्वी सीधे जनता से संवाद करने में माहिर खिलाड़ी हैं। अपने क्षेत्र में हरेक साल बाढ़ की विभीषिका से होने वाली तबाही से लोगों को निजात दिलाने के लिए तेजी से कार्य किये। साथ पटना के कच्ची दरगाह से वैशाली के बिदुपुर तक जाने वाली सिक्स लेन की पुल से राघोपुर को जोड़ने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।इसलिए राजद इस दोनों विधानसभा क्षेत्र में अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने देना चाह रहा है

और अंत में

राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री रही हैं । एक भूतपूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें पूरे बिहार के बारे में सोचना चाहिए था। उन्होंने ने समूचे बिहार का प्रतिनिधित्व किया था।
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