Thursday, March 4, 2021

पटना में इग्नू का क्षेत्रीय केन्द्र

पटना में इग्नू यानी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय केन्द्र मीठापुर में है। पहले यह गांधी मैदान के पास बिस्कोमान भवन के तृतीय तल्ले पर था अब इसका पता बदल गया है ।बहुत दिनों से पटना में इग्नू स्थाई कैपस की समस्या से जूझ रहा था। अब इस समस्या का निराकरण हो गया है। इग्नू का नया कैंपस व भवन बहुत ही रमणीय है । यह दो मंजिला भवन काफी लंबा- चौड़ा और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया गया है। विद्यार्थियों को न्यूनतम परेशानियों का सामना करना पड़े इसका पूरा ध्यान रखा गया है।  

दिव्यांग विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए रैम्प का निर्माण कराया गया है। इस रैम्प के निर्माण में ढलान का समुचित ध्यान नहीं रखा गया है जिस कारण से दिव्यांग विद्यार्थियों को चढ़ने - उतरने में काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । चूंकि ऐसा मैं इसलिए लिख रहा हूं कि मैं एक दिव्यांग हूँ और मेरा यहां एमए का एग्जाम सेंटर था । मैं अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर यह कह रहा हूं। इसके बावजूद शांत और हरे पेड़- पौधे से युक्त परिसर किसी भी आंगतुक का मन- मोहने के लिए पर्याप्त है। अगर यह कहना अतिशयोक्ति न हो तो नया क्षेत्रीय केन्द्र बहुत ही सुंदर व रमणीय है। चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान और मौलाना आजाद अरबी- फारसी विवि के पीछे इग्नू का यह क्षेत्रीय केन्द्र अवस्थित है। मुझे आठ फरवरी को परीक्षा देने के उद्देश्य से वहां जाने का मौका मिला। मेरा एमए प्रथम वर्ष का परीक्षा क्षेत्रीय केन्द्र पर ही हुआ। 

इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र, पटना

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय केन्द्र मीठापुर में है। मीठापुर बस स्टैंड के पास ही है। इस विवि की स्थापना 1985 में हरियाणा के मैदान गढ़ी में की गई है। वर्तमान में इग्नू दूनिया का सबसे बड़ा मुक्त विवि है। बिहार की राजधानी पटना में 1991 से इग्नू का क्षेत्रीय केन्द्र कार्यरत है। क्षेत्रीय केन्द्र राजधानी में होने से विद्यार्थियों  को काफी सहूलियत होती है। इग्नू के सभी 200 से अधिक कोर्स एवं पटना क्षेत्रीय कार्यलय के अंर्तगत 120 से अधिक कोर्स सफलतापूर्वक संचालित विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उसके अधिकाधिक वेबसाइट पर उपलब्ध होती है।


एससी-एसटी का मुक्त नामांकन

एससी- एसटी के विद्यार्थी इग्नू विवि में 84 प्रकार के कोर्स में फ्री में नामांकन करा सकते है। ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र अपलोड कर अभ्यर्थी इस सुुविधा का लाभ उठा सकते हैं। फ्री कोर्स संबंधित सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके पाठ्यक्रम गुणवत्तापूर्ण होते हैं। सोशल वर्क से बीए और एमए यहां से मैंने किया था वह भी प्रथम श्रेणी से पास हुआ। इग्नू नामांकन शुल्क में जो रियायत एससी-एसटी वर्गों के विद्यार्थियों को देती है वह बहुत ही अच्छी व्यवस्था है। यह इन वर्गों के विद्यार्थियों के शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए विश्वविद्यालय द्वारा उठाया गया एक ठोस कदम है। अगर उस दायरे के अंदर दिव्यांग विद्यार्थियों को भी शामिल कर लिया जाता तो पैसे के अभाव में जो दिव्यांग बंधु उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलती और उनका भी शैक्षणिक सशक्तिकरण आसानी से हो जाता।


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