चंडीगढ़
24 जनवरी 2024,
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आज के संस्करण में स्थानीय स्तर पर कोई बड़ी घटना, आयोजन या क्राइम की खबरें नहीं है। सभी अखबारों ने मेयर चुनाव, रोडवेज की बसों में सीटों से ज्यादा यात्री न चढ़ाने पर हंगामा और ठंड का कहर को प्रमुखता से कवर किया है। स्थानीय खबरों के लिए अमर उजाला में छह पेज का माई सिटी और जागरण में सिटी जागरण है।
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मेयर चुनाव- 2024
मेयर चुनाव की खबर को अमर उजाला ने लीड, दैनिक जागरण ने
सभी के शीर्षक है ः-
मेयर के चुनाव को महाभारत न बनाएं, कल तारीख बताएं वरना हम तय करेंगे ( अमर उजाला )
अमर उजाला ने इस खबर को माई सिटी के मुख्य पृष्ठ पर चार कॉलम में डबल डेकर हेडिंग के साथ लीड लिया है। इसके सोल्डर हेड में 35 पार्षदों के मतदान के लिए प्रशासन की ओर से समय मांगने हाई कोर्ट की सख्ती को हाईलाइट किया गया है। इस खबर के इंट्रों की शुरुआत हाईकोर्ट की टिप्पणी से की गई है। अपने टिप्पणी में कोर्ट ने कहा है कि महाभारत का युद्ध भी 18 दिम में समाप्त हो गया था और यहां प्रशासन 35 पार्षदों के मतदान वाले चुनाव के लिए इतना समय मांग रहा है, इसे कैसे जायज करार दिया जा सकता है। कोर्ट ने यूटी प्रशासन से कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सम्मान दें और मेयर चुनाव की तारीख लेकर आएं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम चुनाव की तारीख तय कर देंगे। भारत- पाकिस्तान का युद्ध नहीं हो रही जो यह दलीलें दे रहे हेडिंग से एक बॉक्स लिया गया है। इस बॉक्स में सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणी प्रस्तुत किया गया है। मेयर चुनाव 2024 का टैग इस खबर में लगाया गया है। कोर्ट की इस खबर को रोचकतापूर्ण ढंग से पेश किया गया। पूरी खबर पठनीय है। शब्दों का चयन उपयुक्त तरीके से किया गया है। तस्वीर की कमी इस खबर में खल रही है। हाईकोर्ट की पीपी साइज की तस्वीर लगानी चाहिए थी।
दैनिक जागरण ने इस खबर को जागरण सिटी के पेज वन पर डबल डेकर हेडिंग के साथ चार कॉलम में लिया है। इस खबर के सबहेड में हाईकोर्ट को छह फरवरी की तारीख स्वीकार नहीं और प्रशासन की दलील पर हैरानी को उभारा गया है। इसके इंट्रो में मेयर चुनाव में चंडीगढ़ प्रशासन के रवैये पर पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट के तल्ख टिप्पणी को उल्लेखित किया गया है। प्रशासन मेयर चुनाव को महाभारत क्यों बना रहा है। महाभारत का युद्ध भी 18 दिन चला और प्रशासन को भी चुनाव के लिए 18 दिन चाहिए। मेयर चुनाव मामले में प्रशासन का रवैया समझ से परेः बंसल और कानून- व्यवस्था का बहाना या डीजीपी की नाकामी हेडिंग से दो बॉक्स इस खबर में है। पीपी साइज की एक तस्वीर जागरण ने दिया है।
नोट- इस खबर के मामले में अमर उजाला का कंटेंट पठनीय व रोचक है।
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रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजन
अमर उजाला ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजन को लीड और दैनिक जागरण ने भी लीड लिया है।
सभी के शीर्षक हैं ः-
श्रीराम का गुणगान कर भक्तों को किया मोहित ( अमर उजाला )
चंडीगढ़ से अयोध्या का सफर तीन घंटे 40 मिनट में ( दैनिक जागरण )
अमर उजाला ने इस खबर को माई सिटी के पेज वन पर छह कॉलम में पांच फोटो के साथ लीड लिया है। इसके सबहेड में मनसा देवी रोड स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में रामकथा के आयोजन और चाय-पकौड़े, छोले- पूड़ी, कढ़ी- चावल का लंगर लगाने को हाईलाइट किया गया है। मनसा देवी रोड स्थित श्रीविश्वकर्मा मंदिर में सोमवार को अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का् लाइव प्रसारण दिखाने के लिए एलईडी लगाकर सबको दर्शन कराने की जानकारी को इंट्रो में उभारा गया है। इस लीड पैकेज में चार बॉक्स है। मुख्य बाजार में दुकानदारों ने लगाया लंगर, निकुंज विहार मंदिर में बांटा हलवे का प्रसाद, भगवान मदद करने आते हैं तो विरोधी भी पक्ष में हो जाते हैं ः- पंडित विजय शंकर, नयागांव में जलाए 1500 दीपक, श्री राम- सीता और लक्ष्मण को नमन। चार डीसी तस्वीर इस लीड पैकेज में लिया गया है। पैकेज में फोटो का प्लेसमेंट बढ़िया से किया गया है। कोई बड़ी तस्वीर इस खबर में नहीं ली गई है।
दैनिक जागरण ने इस खबर को जागरण सिटी के पेज तीन पर चार कॉलम में लिया है। अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम भक्त प्रभु दर्शनों को आतुर होने और अब चंडीगढ़ से अयोध्या का सफर सिर्फ तीन घंटे 40 मिनट में तय होनी की जानकारी को इंट्रो में उभारा गया है। रेल यातायात भी बेहतर विकल्प और 28 जनवरी से शुरू होगी आस्था ट्रेन की बुकिंग हेडिंग से रनिंग बोल्ड में लिया गया है। इस लीड पैकेज में एक इनसेट आज कोहरे का रेड अलर्ट, पांच फ्लाइट रद्द हेडिंग से हैं। जागरण सिटी के पेज चार पर अयोध्या में श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल डॉक्टर संदीप संधू के अनुभवों को फ्लायर लिया गया है। वह उन अति विशिष्ट लोगों में शामिल थीं, जिन्हें श्री रामलला के प्राण प्रतिष्टा समारोह में आमंत्रित किया गया था। प्रभु श्रीराम के जीवन से लें प्रेरणा हेडिंग से एक बॉक्स इस खबर में लिया गया है। इस पेज के दाहिने साइड में एक फोटो पैनल है जिसमें सोमवार के दिन हुए आयोजनों को दर्शाया गया है।
नोट - इस खबर के कंटेंट के मामले में अमर उजाला बेहतर है। लेकिन दैनिक जागरण ने अयोध्या से जुड़ी अन्य खबरों का स्थान देकर खबरों की विविधता का समायोजन किया है। इस लिहाज से जागरण बेहतर है। इसने वह गए अतिथि के अनुभवों को पेज के टॉप में स्थान दिया है।
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