Tuesday, March 23, 2021

बंगाल की राजनीति में चोट की गणित

बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के नजदीक आते ही सभी दलों के बीच राजनीतिक चाले गति पकड़ती जा रही हैं। ऐसा मालूम पड़ रहा है कि आरोप-प्रत्यारोप का दौर नया कृतिमान स्थापित करता जा रहा है। पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा के चुनाव दस चरणों में होंगे। वहीं चुनाव नतीजों के लिए देश को दो मई तक का इंतजार करना होगा। ऐसा बंगाल में पहली बार हो रहा है कि केन्द्र की सत्तारुढ़ दल भाजपा पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरी है। हालांकि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही अपनी जड़ें जमाना शुरू कर दिया था। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की 40 में से 18 सीटें जीतकर ममता सरकार को भाजपा ने कड़ी चुनौती पेश की थी। इधर, तीन दशकों तक प्रदेश की बागडोर संभालने वाली कांग्रेस और लंबे समय तक सरकार में रहने वाली वामपंथी पार्टी तीसरे नम्बर के लिए जुझ रही है। 

पीएम लगातार कर रहे हैं दौरा

प्रथानमंत्री मोदी सहित भाजपा के सभी बड़े सियासी दिग्गज लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर संघर्ष के दिनों के सभी ममता बनर्जी का साथ छोड़ कर नए समीकरण बनाने में जुटे हुए हैं। कभी साथी थे और कदम से कदम मिलाकर खड़े रहे वही लोग आज ममता बनर्जी  को आखें दिखा रहे हैं। दो मई को चुनाव नतीजों के बाद ही ये सही सही आकलन हो पाएगा कि साथियों ने ममता को कितना नुकसान पहुंचाया। बहरहाल, ये बाद की बातें हैं उससे पहले तो प्रदेश में आरोप- प्रत्यारोप का हिमालय खड़ा हो रहा है। ममता के चोटिल होने के बाद बंगाल की राजनीति ने एक बार फिर करवट बदली और सहानभूति की लहर भाजपा की नाव डूबाने के लिए सुनामी की तरह फैलने लगी। चूंकि सीएम ममता नंदीग्राम में  प्रचार के दौरान किसी ने हमला कर दिया। चूंकि सीएम ममता ने अपने बयान में कहा है। इस घटना के बाद अचानक से भाजपा बैकफूट पर आ गई। पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता एक बार फिर घायल हुई हैं। तृणमूल कांग्रेस आक्रमक हो गई। 

आयोग ने पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट मांगा

चुनाव आयोग ने विशेष पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट देने को कहा। इसके बाद चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षकों की टीम ने गहन जांच पड़ताल शुरू की। विशेष पर्यवेक्षकों की टीम ने ममता बनर्जी पर किसी भी हमले से इंकार कर दिया। अपनी रिपोर्ट में चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षकों ने कहा कि हमले का कोई रिपोर्ट नहीं मिला। इसके बाद ममता पर विपक्षी पार्टियां एक बार फिर हमलावर हो गई है। भाजपा और कांग्रेस पर सहानुभूति पाने के लिए नौटकीं बताया।

1 comment:

  1. बहुत खूब। अब अनूभूति से नहीं बल्कि सहानुभूति से जंग जितने की तैयारी है।
    बहुत अच्छा लिखे हैं अविनाश जी।

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