Wednesday, August 28, 2024

बिहार के औरंगाबाद जिले की समीक्षा

औरंगाबाद समीक्षा
28 अगस्त

लोकल कवरेज

स्थानीय स्तर पर आज की बड़ी खबरों में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन, मदार नदी में डूबने से एक की मौत और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शामिल हैं। लोकल कवरेज के लिए केवल दैनिक भास्कर में चार पेज का पुलआउट है। हिन्दुस्तान और जागरण ने मुख्य अखबार में ही जिले की खबरों को लगाया है। 

भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन

भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन को हिन्दुस्तान ने पेज 3 पर लीड, दैनिक जागरण ने पेज 3 कॉलम और औरंगाबाद भास्कर ने पुलआउट के दूसरे पेज पर तीन कॉलम में लगाया है। तीनों के शीर्षक हैं-

भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग (हिन्दुस्तान)
बिजली व सिंचाई की समस्या को लेकर सड़क पर उतरे पूर्व मंत्री, किया प्रदर्शन (भास्कर)
सरकार को बदनाम कर रहे कुछ अधिकारी (जागरण)

हिन्दुस्तान ने बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टचार के खिलाफ प्रदर्शन को पांच कॉलम में लीड बनाया है। सबहेड में पूर्व मंत्री के नेतृत्व में पैदल मार्च और औरंगाबाद बिजली ऑफिस के सामने धरना देने को हाइलाइट किया है। विरोध टैग लगाया है लेकिन लीड, सबहेड और टैग तीनों में इस बात का जिक्र नहीं है कि यह प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है। इंट्रो है- भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को लोग पूर्व मंत्री रामाधार सिंह के नेतृत्व में सड़क पर उतरे। गांधी मैदान से पैदल मार्च निकाला गया जो मुख्य बाजार, कलेक्ट्रेट होते हुए कर्मा रोड स्थित बिजली ऑफिस पहुंचा। यह इंट्रो अधूरा दिख रहा है। इसमें भ्रष्टाचार शब्द का प्रयोग तो किया गया है लेकिन कैसा भ्रष्टाचार इसकी जानकारी यहां भी नहीं मिल रही है। 
अगला पैरा है- इसके बाद यहां धरना दिया गया। पूर्व मंत्री रामाधार सिंह ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिजली बोर्ड के दक्षिण बिहार के एमडी, औरंगाबाद के अधीक्षण अभियंता विपक्ष के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। यहां पता चल रहा है कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दिया जा रहा है। आगे की खबर बहुत खराब ढंग से लिखी गई है। 
तीसरे पैरे की पहली लाइन है- केंद्र और राज्य की वजह से गांव-गांव बिजली पहुंचाई गई है और औरंगाबाद में 33 हजार तार बिछाया गया है। सरकार की वजह की जगह सरकार के प्रयास से लिखा जाना चाहिए था। खबर में डिश और पिन का उपयोग किया गया है लेकिन इनका बिजली सप्लाई में क्या योगदान है, इसकी लागत क्या है- इसे नहीं बताया गया है। एक इनसेट है- सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठाया सवाल। इस पैकेज में चार कॉलम की अच्छी तस्वीर लगाई गई है। ओवरऑल प्रजेंटेशन बहुत अच्छा लेकिन खबर बहुत खराब लिखी गई है। यह औरंगाबाद प्राइम पेज की लीड है। इस पर मेहनत करने की जरूरत थी। जिस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया गया है, उस पर एक साइड स्टोरी भी हो सकती थी। उसमें यह बता सकते थे कि सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद बिजली व्यवस्था के क्या हालात हैं।

दैनिक जागरण ने तीन कॉलम में इस खबर को लगाया है। दो लेयर की हाइट है। जागरण की भी हेडिंग और टैग से यह पता नहीं चल रहा है कि क्या खबर है। दो क्रॉसर में बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार, सिंचाई विभाग की स्थित खराब होने और पूर्व मंत्री के नेतृत्व में प्रदर्शन करने की जानकारी दी गई है। जागरण का इंट्रो है- कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को पूर्व मंत्री रामाधार सिंह के नेतृत्व में औरंगाबाद बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। बिजली एवं सिंचाई विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि दोनों विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार से किसान एवं ग्रामीण परेशान हैं। गांधी मैदान से निकला प्रदर्शन धर्मशाला चौक, मुख्य बाजार, रमेश चौक, समाहरणालय, कर्मा रोड होते हुए बिजली कार्यालय पहुंचा। यहां प्रदर्शन सभा में तब्दील हो गया। अध्यक्षता भाजपा नेता रामकेवल सिंह एवं संचालन विनोद सिंह ने किया...। 
जागरण का इंट्रो अच्छा है। इसमें पता चल रहा है कि प्रदर्शन क्यों किया गया है। आगे जागरण ने बिजली विभाग की कमियों और किसानों की परेशानियों को विस्तार से बताया है। खबर में एक-दो जगह गलतियां हैं लेकिन खबर अच्छी लिखी गई है। तस्वीर करीब तीन की हाइट में दो कॉलम में लगाई है। अगर हेडिंग पर थोड़ी मेहनत करते, इसे दो लाइन की कर देते और तस्वीर की हाइट बढ़ा देते तो जागरण का पैकेज सबसे बेहतर हो सकता था। 

भास्कर ने बिजली-सिंचाई की समस्या के खिलाफ प्रदर्शन को तीन कॉलम में लगाया है। इसने कहीं भ्रष्टाचार शब्द का प्रयोग नहीं किया है। सबसे स्पष्ट हेडिंग भास्कर की ही है। भास्कर का इंट्रो है- औरंगाबाद बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सहकारिता मंत्री रामाधार सिंह बिजली व सिंचाई की समस्या को लेकर मंगलवार को हजारों समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे। विद्युत कार्यालय पर प्रदर्शन किया। भाजपा समर्थित एनडीए सरकार के बावजूद पूर्व मंत्री आम जनमानस व किसानों की समस्या को लेकर खूब गरजे। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी सरकार के बेहतर कार्यों को लोगों तक पहुंचने नहीं दे रहे हैं। सरकार की बदनामी कराना चाहते हैं। ऐसे पदाधिकारियों की आंखें खोलने के लिए यह प्रदर्शन है। इस खबर में कम हाइट में डीसी तस्वीर है जो धुंधली दिख रही है। खबर में हजारों लोगों के सड़क पर उतरने का जिक्र किया गया है। इसे सैकड़ों लिखना चाहिए था। 

बिजली-सिंचाई की समस्या के खिलाफ प्रदर्शन का सबसे अच्छा डिस्प्ले हिन्दुस्तान ने दिया है लेकिन कंटेंट के मामले में सबसे कमजोर है। जागरण कंटेंट के मामले में सबसे बेहतर है। भास्कर में यह खबर अंडर प्ले हुई है। सबसे खराब तस्वीर भास्कर की ही दिख रही है। हेडिंग भास्कर की स्पष्ट है। इसे सबसे अच्छा कह सकते हैं।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को हिन्दुस्तान ने पेज 4 पर दूसरे और तीसरे लेयर में लगाया है। दैनिक जागरण ने पेज 4 पर सेकेंड लीड और भास्कर ने पेज 4 पर भगवान की आराधना की मुख्य खबर लीड और आयोजन को बॉटम बनाया है। पेज तीन यानी आसपास पेज पर डेहरी की खबर को भी बॉटम बनाया गया है। तीनों की प्रमुख खबरें हैं-

हिन्दुस्तान
हर्षोल्लास के साथ हसपुरा में जन्मोत्सव मनाया गया
जिले में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी
दाउदनगर में लगे जय कृष्ण के जयकारे (इसे केवल कृष्ण के जयकारे लिखते तो ज्यादा अच्छा होता)
गोह में गाजे-बाजे के साथ निकाली गई भव्य शोभायात्रा 

जागरण
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर निकाली शोभायात्रा, कलाकारों ने प्रस्तुत की झांकी (एक पैकेज में कई खबरें)

भास्कर
रात में 12 बजते ही नंद के घर आनंद भयो...जय कन्हैया लाल की लीड
जन्माष्टमी महोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा (बॉटम)
गायकों ने भक्ति गीतों से झुमाया, झांकियां भी निकलीं (आसपास की खबर- डेहरी डेटलाइन)

हिन्दुस्तान ने दूसरे और तीसरे लेयर में जन्माष्टमी की चार खबरों को अलग-अलग लगाया है। अगर इसे तीन-या चार कॉलम दो लेयर में पैकेज बनाते तो अच्छा होता। इसमें एक तीन कॉलम की अच्छी तस्वीर भी लगा सकते थे। दो तस्वीरें लगाई गई हैं लेकिन इनका चयन अच्छा नहीं है। 

दैनिक जागरण ने पांच कॉलम में अच्छा पैकेज बनाया है। तीन तस्वीरें हैं। इनमें झांकी की डीसी तस्वीर सबसे अच्छी है। इससे यह पैकेज अच्छा दिख रहा है। मुख्य खबर झांकी की है। जागरण ने लिखा है कि मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर गोह प्रखंड मुख्यालय में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। तुलसी बिगहा गांव के पास स्थापित भगवान श्रीकृष्ण को मंदिर से मनमोहक झांकी निकाली गई। आकर्षक झांकियां देखने के लिए भक्तों की भीड़ लग गई। शोभायात्रा में हजारों लोग पीले गमछा से पगड़ी बांधकर शामिल हुए। श्रद्धा, आस्था और भक्तिमय माहौल के बीच जय श्रीकृष्ण का नारा गूंजता रहा। मुख्य खबर करीब डेढ़ शब्द की है लेकिन कहीं पैरा नहीं दिया गया है। एक अच्छा इंट्रो बनाना चाहिए था। इस पैकेज में दो खबरें हैं- राधा-कृष्ण की झांकी के प्रतिभागी हुए प्रस्तुत, भक्तिमय महौल में हर घर मनाई गई जन्माष्टमी। हर घर जन्माष्टमी को मुख्य खबर बनाना चाहिए था।

दैनिक भास्कर ने पेज 3 पर पांच कॉलम में लीड और पांच कॉलम में बॉटम बनाया है। सबहेड में आस्था टैग देकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भक्तिमय माहौल में जन्माष्टमी मनाए जाने को हाइलाइट किया है। भास्कर ने लिखा है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। जिला मुख्यालय के अलावा प्रखंडों के कई मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद सभी के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिर व ठाकुरबाड़ी की साज-सजावट की गई। वहीं मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों व फूल-मालाओं से सजाया गया है। सोमवार की रात मंदिर नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... की जयकारों से गूंज उठा। दोपहर से भजन कीर्तन का जो दौर शुरू हुआ देर रात तक चलता रहा। सभी लोग रात 12 बजने का इंतजार कर रहे थे। भास्कर में खबर अच्छी लिखी गई है लेकिन करीब दो सौ शब्दों की खबर में कहीं पैरा नहीं है। दो इनसेट हैं- भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने एक साथ लगाए जयकारे, जय कन्हैया लाल की..., जय कन्हैया लाल की मदन गोपाल की जयकारे से गूंजता रहा नवीनगर। जय कन्हैया लाल की के दोहराव से बचना चाहिए था। इसमें तीन कॉलम में तीन तस्वीरों को लगाया गया है। अगर तीन या चार कॉलम की एक तस्वीर लगाते तो प्रजेंटेशन और बेहतर हो जाता। बॉटम में शोभायात्रा को अच्छा डिस्प्ले दिया गया है। तीन लाइव तस्वीरें लगाई गई हैं। वहीं डेहरी में जन्माष्टमी पर हुए आयोजन की भी प्रस्तुति अच्छी है। जन्माष्टमी की खबर और डिजाइन दोनों मामले में आज दैनिक भास्कर सबसे अच्छा दिख रहा है।

जन्माष्टमी पर दैनिक भास्कर का पैकेज अच्छा है। अगर इसे एक पैकेज बनाते तो डिस्प्ले और बेहतर होता। तस्वीरों के चयन के साथ हेडिंग भी अच्छी ली गई है। भास्कर के बाद जागरण की कवरेज ठीक है। हिन्दुस्तान खबर और तस्वीर दोनों मामले में सबसे कमजोर दिख रहा है। 

नोट : आज खबरों की संख्या और विशेष खबरों के मामले में दैनिक जागरण सबसे आगे है। दिन विशेष की प्रमुख खबरों में भी जागरण आगे है। प्रशासन बीट पर हिन्दुस्तान-जागरण और क्राइम में जागरण ने अच्छा किया है। ओवरऑल आज दैनिक जागरण लोकल कवरेज में बेहतर दिख रहा है। 


विभिन्न अखबारों की विशेष खबरें

हिन्दुस्तान (कुल खबरें-45)
कोई स्पेशल स्टोरी नहीं, केवल शहर के आयोजन और दिन के महत्वपूर्ण घटनाक्रम

दैनिक जागरण (कुल खबरें-50)
कार्यालयों से डेटा चुरा कर रहे जालसाजी
देवकुंड में पशु अस्पताल खोजते हैं पशुपालक
ब्राउन शुगर बेचने और पीने वालों का मजबूत है नेटवर्क

दैनिक भास्कर (कुल खबरें-43)
दाउदनगर के मध्य विद्यालय कनाप में सो रहे शिक्षक की तस्वीर वायरल
अतिक्रमण की जद में 190 घर, किए जा रहे चिह्नित, चलेगा बुलडोजर
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कौन किसमें बेहतर

सबसे अच्छी हेडिंग
जागरण : ब्राउन शुगर बेचने और पीने वालों का मजबूत है नेटवर्क

सबसे अच्छी तस्वीर
भास्कर : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

सबसे अच्छी डिजाइन
हिन्दुस्तान

फॉलोअप
किसी में नहीं

असर
किसी में नहीं

फोटो स्टोरी
किसी में नहीं

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