देहरादून
13 फरवरी 2024,
----------------
आज के संस्करण में पूर्व नौ सैनिकों की रिहाई और उपनलकर्मियों की हड़ताल को सभी अखबारों ने प्रमुखता से लिया है। स्थानीय खबरों को हिन्दुस्तान ने मुख्य अखबार, अमर उजाला ने अपने पुलआउट और दैनिक जागरण ने भी मुख्य अखबार में स्थानीय खबरों को स्थान दिया है।
----------------------
पूर्व सैनिकों की रिहाई
हिन्दुस्तान ने इस खबर को पेज सात पर लीड, अमर उजाला ने माई सिटी के पेज तीन पर फ्लायर और दैनिक जागरण ने पहले जैकेट के इनसाइड पेज पर लिया है।
सभी के शीर्षक हैं ः-
पापा, मैं रिहा होकर आ गया... सुनते ही छलके आंसू (हिन्दुस्तान)
रात तीन बजे आया बेटे का फोन... मेरी चौखत पर आए मेरे राम (अमर उजाला)
18 महीने के बाग आया फोन- पापा मै सैरभ बोल रहा हूं... (दैनिक जागरण)
हिन्दुस्तान ने कतर की जेल में बंद पूर्व सैनिकों की रिहाई को पेज सात पर छह कॉलम में सिंगल हेडिंग के साथ लिया है। पूर्व कैप्टन सौरभ वशिष्ठ के कतर की जेल में अगस्त 2022 से बंद होने और देर रात दिल्ली पहुंचने की जानकारी को सोल्डर में हाईलाइट किया है। दून निवासी पूर्व कैप्टन सौरभ वशिष्ठ की कतर से रिहाई की खबर सुनकर माता- पिता की आंखों से आसूं छलकने और मौत की सजा सुनाए जाने के बाद सौरभ के परिजनों के सदमे में होने की जानकारी इंट्रो में दी गई है। सौरभ समेत नौसेना के आठों पूर्व अधिकारी कतर में काम कर रहे थे। अगस्त 2022 में इनको गिरफ्तार कर लिया गया था। इन सभी को पिछले साल 26 अक्टूबर को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई गयी थी। उसके बाद से भारत में रहने वाले परिजन सदमे में थे। इस खबर में तीन बॉक्स है। आज शाम देहरादून पहुंच सकते हैं सौरभ, हर हफ्ते तीन दिन ही होती थी वीडियो कॉल, पिता बोले- मोदी राम और जयशंकर हनुमान। इस खबर में तीन तस्वीर ला गई है। सौरभ के पिता को बधाई देते तीन कॉलम की एक तस्वीर है। उनके पिता की भावुक की एक पीपी तस्वीर सौरभ और कैप्टन की तस्वीर ली गई है।
अमर उजाला ने इस खबर को आठ कॉलम में लिया है। इसकी हेडिंग सबसे अच्छी लग रही है। कैप्टन सौरभ वशिष्ट के कतर की जेल से छूटकर दिल्ली पहुंचने पर सबसे पहले पिता को फोन करने की जानकारी को सबहेड उभारा गया है। इस खबर को अमर उजाला ने बहुत ही भावनात्मक ढंग से लिखा है। शब्दों के माध्यम से एक पिता के दर्द को साझा किया है। आरके वशिष्ठ का हाल जुबिन नौटियाल के एक एलबम में फिल्माए सीन जैसा था। जिसमें वर्षों से गायब सैनिक पुत्र के घर आने की पिता को सूचना मिलती है तो उनकी खुशी को ठिकाना नहीं रहता है। आरके वशिष्ठ भी बेटे की आवाज सुवते ही बोल पड़े- मेरी चौखट पर राम आए हैं। बेटे की वापसी के इंतजार में तड़प रहे माता- पिता का कहना है कि कतर में फांसी- उम्र कैद की सजा के बाद बेटे का वापस आना चमत्कार से कम नहीं है। सप्ताह में एक बार मिल पाती थीं बेटियां हेडिंग से एक इनसेट इस खबर में है। पीएम के कारण हुई रिहाई, विदेश मंत्री ने समय दिया, कतर से भेजा था प्रभु राम शोभायात्रा के लिए सहयोग और सोचा नहीं था, ऐसे अचानक आएगा बेटा हेडिंग से तीन बॉक्स इस खबर में लिया गया है। भावुक पिता की एक पीपी और उनके आवास पर बधाई देने पहुंचे क्षेत्रवासी की दो कॉलम में तस्वीर ली गई है।
दैनिक जागरण ने इस खबर को तीन कॉलम में डबल डेकर हेडिंग के साथ लिया है। क्षेत्रवासियों की एक तीन कॉलम की तस्वीर इस खबर के टॉप में जागरण ने लिया है। क्रसर में कतर की जेल से रिहा हुए कैप्टन सौरभ वरिष्ठ की वतन वापसी पर परिवार के सदस्यों के खुश होने और अगस्त 2022 में गिरफ्तार व 26 अक्टूबर 2023 को सजा सुनाने की जानकारी को दर्शाया गया है। इंट्रो में भारतीय नौसेना के पूर्व कैप्टन सैरभ को कतर में मौत की सजा सुनाने पर माता पिता के दर्द को उभारा गया है। तीन बॉक्स इस खबर में लिया गया है। आज दून पहुंच सकते हैं सौरभ, पिता ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया श्रय और सुबह से ही बधाई देने घर पहुंचने लगे लोग।
नोट- इस खबर के मामले में अमर उजाला ने बेहतर काम किया है। इसकी पूरी खबर पठनीय है। हेडिंग के साथ-साथ इंट्रो में भी इसने पूरी बातों को रोचकता के साथ उभारने का प्रयास किया है। हिन्दुस्तान ने इस खबर का प्लेसमेंट बढिया किया है लेकि़न रोचकता और पठनीयता नहीं झलक रही है। भावनात्मकता इस खबर में उभर कर सामने नहीं आई है। दैनिक जागरण ने इस खबर को स्थान तीन कॉलम में लिया है। लेकिन प्लेसमेंट बेहतर कर पाने में सफल नहीं हो पाया है। हेडिंग और खबर पाठक को अपनी ओर खींचने में सफल नहीं दिख रहा है।
No comments:
Post a Comment