Tuesday, February 13, 2024

गाजियाबाद

गाजियाबाद
14 फरवरी 2024,
----------------
आज के संस्करण में किसानों के दिल्ली कूच से यूपी गेट पर लगा भीषण जाम और महिला की गला रेतकर हत्या को सभी अखबारों ने प्रमुखता से कवरेज किया है।
। स्थानीय खबरों को अमर उजाला और दैनिक जागरण ने अपने पुलआइट में स्थान दिया है।
----------------------
यूपी गेट पर जाम

अमर उजाला ने इस खबर को माई सिटी के मुख्य पृष्ठ पर लीड और दैनिक जागरण ने जागरण सिटी के पेज वन पर लीड और बॉटम लिया है।

सभी के शीर्षक हैं ः-
यूपी गेट पर भीषण जाम, दिल्ली जाने में छूटे पसीने (अमर उजाला)
सीमाओं पर फंसी एंबुलेंस में थमी रही मरीजों की सांसें, छूटी ट्रेन (दैनिक जागरण-- लीड)
दिल्ली जा रहे भाकियू कार्यकताओं को पुलिस ने रोका (दैनिक जागरण-- बॉटम)


अमर उजाला ने इस खबर को माई सिटी के मुख्य पृष्ठ पर लीड लिया है। यूपी गेट के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस पर लगे जाम की एक तस्वीर सात कॉलम में पेज के ऊपरी ली गई है। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए यूपी गेट पर की गई सीमेंट और लोहे के कंटीले तारों की बैरिकेडिंग के हजारों लोगों के लिए परेशानी का सबब बनने और मंगलवार को सुबह से ही यूपी गेट पर ट्रैफिक जाम होने को इंट्रो में उभारा गया है। जाम से वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। पांच मिनट की दूरी तय करने में एक घंटे में पूरी हुई। इससे नोएडा जाने वाले लेन पर भी बुरा हाल रहा। एक्सप्रेस की सिर्फ एक लेन पर ट्रैफिक चलने दिया गया। इससे वाहन चालकों को आनंद- बिहार बॉर्डर,मोहननगर तिराहा होते हुए दिल्ली जाना पड़ा। वाहनों का दबाव वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी और खोड़ा की अंदरूनी सड़कों पर भी रहा। लिंक रोड पर भी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। एक्सप्रेसवे पर किसानों का हंगामा, पुलिस अलर्ट...किसान नेताओं को किया घरों में नजरबंद, दूर हो गई दिल्ली...जेब पर पड़ा बोझ हेडिंग से हेडिंग से इनसेट लिया गया है। गाजीपुर बॉर्डर पर तैनात आरएएफ के जवान और किसानों को रोकती पुलिस की दो तस्वीर इस लीड खबर के पैकेज में ली गई है। 

दैनिक जागरण ने इस खबर को जागरण सिटी के पेज वन पर लीड लिया है। इसकी हेडिंग में जाम से लोगों को हुई परेशानियों को हाइलाइट किया गया है। सबहेड में आधे घंटे से अधिक समय तक जाम में लोगों के फंसने और किसानों को रोकने के लिए दिल्ली की सीमा पर की गई बैरिकेडिंग को दर्शाया गया है। किसानों को रोकने के लिए दिल्ली की सीमा में की गई बैरिकेडिंग लोगों के लिए मुसीबत बनने और इसे लेकर लोगों में नाराजगी को जागरण ने इंट्रो में उभारा है। सुबह लोग कार्यालय, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जाने के लिए निकले तो उन्हें जाम का सामना करने पड़ा। जाम में फंसी एंबुलेंस में मरीज की सांसे थमी रहीं। ट्रेन व फ्लाइट पकड़ने के लिए निकले लोगों को डर सता रहा था कि कहीं पहुंचने में देर न हो। जेब पर भारी पड़ा जाम का असर और पैदल गए कई यात्री को हेडिंग से रनिंग बोल्ड में लिया गया है। आसमां से हुई निगहबानी, किसानों को पकड़ा और सीएनजी पंप नहीं पहुंच सकी रोडवेज की बसें शीर्षक से दो खबरें इनसेट में ली गई हैं। इस लीड पैकेज में नौ तस्वीर है। जागरण ने इस पैकेज में दो राहगीरों के वर्जन को फोटो के साथ लिया है। इस पेज के चौथे लेयर में दिल्ली जा रहे भाकियू कार्यकताओं को पुलिस ने रोका हेडिंग से दो तस्वीर के साथ बॉटम लिया और इसके बगल में अधिकतर आइटी कंपनियों ने लागू किया वर्क फ्रॉम होम शीर्षक से डीसी खबर लिया है।

नोट- इस खबर के मामले में जागरण ने स्थानीय स्तर पर बढ़िया काम किया है। इसकी हेडिंग लोगों को इस जाम से हुई समस्या पर आधारित है। जागरण सिटी के मुख्य पृष्ठ पर पूरे पेज में इस खबर लिया गया है। फोटो और कंटेंट का प्लेसमेंट भी ठीक है। छोटी- छोटी कई तस्वीर लेने से अच्छा होता कि एक बड़ी तस्वीर जाम की ली जाती। अमर उजाला में सात कॉलम की एक बड़ी तस्वीर ली गई है जिससे यह खबर पूरी तरह से उभर कर सामने आई है। लेकिन स्थानीय स्तर पर जागरण से कम अमर उजाला के पास कंटेंट दिख रहा है। 
--------------------------------

महिला की हत्या

अमर उजाला ने माई सिटी के पेज दो पर लीड और दैनिक जागरण ने जागरण सिटी के पेज तीन पर लीड लिया है।

सभी के शीर्षक हैंः-
गला रेतकर की महिला की हत्या, मंदिर में मिला शव (अमर उजाला)
मंदिर में बुजुर्ग महिला की लूट के बाद गला रेतकर हत्या (दैनिक जागरण)

इस खबर को अमर उजाला ने तीन कॉलम में डबल डेकर हेडिंग के साथ  लीड लिया है। इंट्रो में नगर कोतवाली क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास 75 वर्षीय शीला देवी की गला रेतकर हत्या करने की जानकारी दी गई है। इस खबर में कुछ दिन पहले रहने आए युवक की तलाश और नहीं मिले कुंडल लूटपात की आशंका हेडिंग से दो इनसेट है। घटनास्थल की जांच करती पुलिस की एक दो कॉलम की तस्वीर और मृतक महिला की पीपी तस्वीर इस खबर में ली गई है।

दैनिक जागरण ने इस खबर को तीन कॉलम में डबल डेकर हेडिंग के साथ लीड लिया है। रेलवे स्टेशन पार्किंग के पास बने शिव हरि मंदिर में शव मिलने को सबहेड में हाइलाइट किया है। इंट्रो में पुराना गाजियाबाद रेलवे पार्किंग के पास बने मंदिर में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला शीला देवी की गला रेतकर हत्या करने की जानकारी दी गई है। महिला का शव मंगलवार सुबह करीब आठ बजे बेटे ने सबसे पहले देखा। महिला के बेटे ने आरोप लगाया है कि मां के कुंडल और पांच हजार रुपये गायब हैं। स्टेशन पॉकिंग में 24 घंटे चहल-पहल और पांच दिन ठहरे शिवम नामक पुजारी पर शक हेडिंग से रनिंग बोल्ड में लिया गया है। तीन तस्वीर इस लीड पैकेज में लिया गया है। सिटी डीसीपी के वर्जन को अलग से लिया है। 

नोट- इस खबर को भी जागरण ने बढिया कवर किया है। कंटेंट भी पठनीय है। फोटो का प्लेसमेंट भी ठीक ढंग से किया गया है। अमर उजाला ने डीसीपी के वर्जन को रनिंग में लिया है। इसके हवाले से पूरे मामले की जानकारी दी गई है।

Monday, February 12, 2024

देहरादून

देहरादून
13 फरवरी 2024,
----------------
आज के संस्करण में पूर्व नौ सैनिकों की रिहाई और उपनलकर्मियों की हड़ताल को सभी अखबारों ने प्रमुखता से लिया है। स्थानीय खबरों को हिन्दुस्तान ने मुख्य अखबार, अमर उजाला ने अपने पुलआउट और दैनिक जागरण ने भी मुख्य अखबार में स्थानीय खबरों को स्थान दिया है।
----------------------
पूर्व सैनिकों की रिहाई

हिन्दुस्तान ने इस खबर को पेज सात पर लीड, अमर उजाला ने माई सिटी के पेज तीन पर फ्लायर और दैनिक जागरण ने पहले जैकेट के इनसाइड पेज पर लिया है।

सभी के शीर्षक हैं ः-
पापा, मैं रिहा होकर आ गया... सुनते ही छलके आंसू (हिन्दुस्तान)
रात तीन बजे आया बेटे का फोन... मेरी चौखत पर आए मेरे राम (अमर उजाला)
18 महीने के बाग आया फोन- पापा मै सैरभ बोल रहा हूं... (दैनिक जागरण)


हिन्दुस्तान ने कतर की जेल में बंद पूर्व सैनिकों की रिहाई को पेज सात पर छह कॉलम में सिंगल हेडिंग के साथ लिया है। पूर्व कैप्टन सौरभ वशिष्ठ के कतर की जेल में अगस्त 2022 से बंद होने और देर रात दिल्ली पहुंचने की जानकारी को सोल्डर में हाईलाइट किया है। दून निवासी पूर्व कैप्टन सौरभ वशिष्ठ की कतर से रिहाई की खबर सुनकर माता- पिता की आंखों से आसूं छलकने और  मौत की सजा सुनाए जाने के बाद सौरभ के परिजनों के सदमे में होने की जानकारी इंट्रो में दी गई है। सौरभ समेत नौसेना के आठों पूर्व अधिकारी कतर में काम कर रहे थे। अगस्त 2022 में इनको गिरफ्तार कर लिया गया था। इन सभी को पिछले साल 26 अक्टूबर को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई गयी थी। उसके बाद से भारत में रहने वाले परिजन सदमे में थे। इस खबर में तीन बॉक्स है। आज शाम देहरादून पहुंच सकते हैं सौरभ, हर हफ्ते तीन दिन ही होती थी वीडियो कॉल, पिता बोले- मोदी राम और जयशंकर हनुमान। इस खबर में तीन तस्वीर ला गई है। सौरभ के पिता को बधाई देते तीन कॉलम की एक तस्वीर है। उनके पिता की भावुक की एक पीपी तस्वीर सौरभ और कैप्टन की तस्वीर ली गई है।

अमर उजाला ने इस खबर को आठ कॉलम में लिया है। इसकी हेडिंग सबसे अच्छी लग रही है। कैप्टन सौरभ वशिष्ट के कतर की जेल से छूटकर दिल्ली पहुंचने पर सबसे पहले पिता को फोन करने की जानकारी को सबहेड उभारा गया है। इस खबर को अमर उजाला ने बहुत ही भावनात्मक ढंग से लिखा है। शब्दों के माध्यम से एक पिता के दर्द को साझा किया है।  आरके वशिष्ठ का हाल जुबिन नौटियाल के एक एलबम में फिल्माए सीन जैसा था। जिसमें वर्षों से गायब सैनिक पुत्र के घर आने की पिता को सूचना मिलती है तो उनकी  खुशी को ठिकाना नहीं रहता है। आरके वशिष्ठ भी बेटे की आवाज सुवते ही बोल पड़े- मेरी चौखट पर राम आए हैं।  बेटे की वापसी के इंतजार में तड़प रहे माता- पिता का कहना है कि कतर में फांसी- उम्र कैद की  सजा के बाद बेटे का वापस आना चमत्कार से कम नहीं है। सप्ताह में एक बार मिल पाती थीं बेटियां हेडिंग से एक इनसेट इस  खबर में है।  पीएम के कारण हुई रिहाई, विदेश मंत्री ने समय दिया, कतर से भेजा था प्रभु राम शोभायात्रा के लिए सहयोग और सोचा नहीं था, ऐसे अचानक आएगा बेटा हेडिंग से तीन बॉक्स इस खबर में लिया गया है। भावुक पिता की एक पीपी और उनके आवास पर बधाई देने पहुंचे क्षेत्रवासी की दो कॉलम में तस्वीर ली गई है।

दैनिक जागरण ने इस खबर को तीन कॉलम में डबल डेकर हेडिंग के साथ लिया है। क्षेत्रवासियों की एक तीन कॉलम की तस्वीर इस खबर के टॉप में जागरण ने लिया है। क्रसर में कतर की जेल से रिहा हुए कैप्टन सौरभ वरिष्ठ की वतन वापसी पर परिवार के सदस्यों के खुश होने और अगस्त 2022 में गिरफ्तार व 26 अक्टूबर 2023 को सजा सुनाने की जानकारी को दर्शाया गया है। इंट्रो में भारतीय नौसेना के पूर्व कैप्टन सैरभ को कतर में मौत  की सजा सुनाने पर माता पिता के दर्द को उभारा गया है। तीन बॉक्स इस खबर में लिया गया है। आज दून पहुंच सकते हैं सौरभ,  पिता ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया श्रय और सुबह से ही बधाई देने घर पहुंचने लगे लोग।

नोट- इस खबर के मामले में अमर उजाला ने बेहतर काम किया है। इसकी पूरी खबर पठनीय है। हेडिंग के साथ-साथ इंट्रो में भी इसने पूरी बातों को रोचकता के साथ उभारने का प्रयास किया है। हिन्दुस्तान ने इस खबर का प्लेसमेंट बढिया किया है लेकि़न रोचकता और पठनीयता नहीं झलक रही है। भावनात्मकता इस खबर में उभर कर सामने नहीं आई है।  दैनिक जागरण ने इस खबर को स्थान तीन कॉलम में लिया है। लेकिन प्लेसमेंट बेहतर कर पाने में सफल नहीं हो पाया है। हेडिंग और खबर पाठक को अपनी ओर खींचने में सफल नहीं दिख रहा है।

पत्रकारिता 1

पत्रकारिता का जंतर-मं तR प्रेस विज्ञप्तियों का अपना मिजाज होता है अखबार के दफ्तरों में प्रेस ब्रीफिंग, प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रेस विज्ञप्ति बहु...