देश की बेटी मिताली राज
वर्तमान समय में खेलो के प्रति जो आकर्षण समाज में है वैसा हमेशा से नहीं रहा है। दशकों पहले कहा जाता था कि पढ़ोगे- लिखोगो तो बनोगे नबाव खेलोगो कूदोगो ते होगे खराब। विशेषकर महिला खिलाड़ियों के प्रति खेल संगठनों का भी रवैया सहयोगात्मक नहीं था। इसके बावजूद महिला खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय ध्वज को ऊंचा करने का ही काम किया है। उन्होंने कभी भी संसाधनों का रोना नहीं रोया। खेला का कोई भी स्तर और फॉमेट हो अपनी प्रतिभा का लोहा खूब मनवाया है। ओलपिंक और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शनों से दुनिया को स्तब्ध कर दिया।
भारतीय महिला क्रि केट टीम की कप्तान मितालीराज ने 11 मार्च को अपनी उपलब्धि से देश को गर्व करने पर मजबूर कर दिया। मिताली राज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दस हजार लगाने वाली दुनिया की दूसरी महिला क्रिकेटर बन गई हैं। इसके साथ ही मिताली राज ऐसा करने वाली भारत की प्रथम महिला खिलाड़ी हैं। लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम दक्षिण अफ्रीका के विरूध तीसरे एकदिवसीय मैच में 35वां रन पूरा करते ही सह उपलब्धि हासिल की।
चार्लेट एडवडर््स के नाम दर्ज है रिकार्ड
सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकार्ड इंग्लैंड की चार्लोट एडवडर््स के नाम है। चार्लोट एडवडर््स ने महिला क्रिकेट में कुल 10,273 रन बनाए हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया चार्लोट एडवडर््स ने 191 मैचों में 5992 रन बनाए हैं। वहीं मिताली राज ने यह उपलब्धि ने 183 वें मैच में ही हासिल कर ली। मिताली राज ने अपना पहला वनडे मैच जून 1999 में खेला था। मिताली राज ने अपने करियर में रिकार्ड 75 अर्धशतक और सात शतक वनडे मैच में बनाए हैं। टेस्ट मैचों में एक मात्र शतक 2002 में इंग्लैंड के विरूध बनाए हैं।
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