28 दिसंबर 2023
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आज लोकल खबरों में कोई बड़ी घटना, क्राइम या कोई आयोजन नहीं है। सभी अखबारों ने डॉक्टरों की हड़ताल, ठंड व कोहरे का असर और न्याय के लिए डीसी से गुहार की खबर को प्रमुखता से छापा है। अमर उजाला में लोकल खबरों के लिए चार पेज का माई सिटी नाम से चार पेज का एक पुलआउट अखबार है जबकि दैनिक जागरण में लोकल खबरों के लिए चार जागरण सिटी है।
न्याय के लिए डीसी से गुहार
अमर उजाला ने माई सिटी के पेज तीन पर लीड और दैनिक जागरण ने पांच कॉलम में सामान्य खबर लिया है।
सभी के शीर्षक हैंः-
सड़क पर लेट ग्रामीणों ने हाथ जोड़ कहा- डीसी साहब, हमारी विनती सुनो ( अमर उजाला )
टीचर की मौत मामला ः ग्रामीणों ने सड़क पर लेटकर मांगा न्याय
अमर उजाला ने इस खबर को माई सिटी के पेज तीन पर चार कॉलम में डबल डेकर हेडिंग के साथ लिया है। इस खबर के सबहेड में हांसी के गांव गढ़ी निवासी मास्टर सुरेंद्र सिंह की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगाने को उभारा गया है। इसकी हेडिंग रोचक और पाठक को अपनी ओर खींचने में पूरी तरह से सक्षम दिख रही है। इंट्रो में बताया गया है कि गांव गढ़ी निवासी मास्टर सुरेंद्र सिंह की मौत के 110 दिन बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। इससे नाराज ग्रामीणों ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने न्याय के लिए 15 डिग्री तापमान में सड़क पर लेटकर हाथ जोड़कर गुहार लगाते हुए कहा हे डीसी भगवान बाहर आकर हमारी विनती सुनो। अरे सर इस उम्र में आप हमें लटकाएंगे। बाहर आकर हमारी शिकायत सुनो। पूरी खबर पठनीय है। इस खबर में एक बॉक्स है जिसकी हेडिंग क्या था मामला है। इस बॉक्स में पूरे मामले की जानकारी संक्षेप में दी गई है। दो कॉलम में दंडवत होकर न्याय की गुहार लगाते गढ़ी के ग्रामीणों की एक तस्वीर न्याय के लिए गांधीगीरी कैचवर्ड से लिया गया है।
दैनिक जागरण ने इस खबर को जागरण सिटी के पेज चार पर तीसरे लेयर में पांच कॉलम में लिया है। इस खबर के इंट्रो में हांसी के गांव में मास्टर सुरेंद्र की जली हुई गाड़ी में कंकाल मिलने के मामले में ग्रामीणों के हंगामे को हाइलाइट किया गया है।घटना के 100 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने हंगामा किया । तीन कॉलम में एक तस्वीर इस खबर में ली गई है। जिसमें ग्रामीणों के जमीन पर लेट कर अधिकारी से गुहार लगाते हुए दिखाया गया है।
नोट - इस खबर के मामले में अमर उजाला ने बेहतर काम किया है। इसका कंटेट बढ़िया है। एक बॉक्स में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई है। जबकि दैनिक जागरण ने इस खबर को उभारा नहीं है। इस खबर को पेज के तीसरे लेयर में स्थान दिया है।
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डॉक्टरों की हड़ताल
अमर उजाला ने इस खबर को माई सिटी के पेज वन पर लीडल और दैनिक जागरण ने जागरण सिटी के पेज चार पर लीड लिया है।
सभी के शीर्षक हैं ः-
- चिकित्सकों की मांगे आज पूरी न हुईं तो कल से आपातकालीन सेवाएं भी होंगी बंद ( अमर उजाला )
- 170 चिकित्सकों ने बंद रखी ओपीडी ( दैनिक जागरण )
अमर उजाला ने इस खबर को डबल डेकर हेडिंग के साथ माई सिटी के पेज वन पर लिया है। नागरिक अस्पताल में जिले के करीब 170 चिकित्सकों के सीएमओ के बाहर धरना देने को सबहेड में उभारा गया है। इस खबर की हेडिंग में चिकित्सकों की मांगों को ही उभारा गया है। चिकित्सकों की इस हड़ताल से जिले में कितने ऑपरेशन टले, कितने मरीज बिना जांच और इलाज के ही वापस लौटे, इसे हेडिंग में हाइलाइट किया जाना चाहिए था जो नहीं किया गया है। सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले करीब 170 चिकित्सकों के हड़ताल पर रहने और ओपीडी बंद कर सीएमओ कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने की जानकारी इंट्रो में दी गई है। मरीज के ओपीडी के बाहर चिकित्सकों के आने का इंतजार करने और हड़ताल के कारण 15 ऑपरेशन टलने के संबंध में रनिंग मैटर में बताया गया है। प्रमाणपत्र के लिए भटकते नजर आए दिव्यांग हेडिंग से एक बॉक्स दिया इस लीड पैकेज में दिया गया है। टिकट साइज फोटो के साथ चार तीमारदाज और मरीजों की हुई परेशानियों को भी बताया गया है। इस खबर में धरना पर बैठे डॉक्टरों की एक डीसी तस्वीर लिया है।
दैनिक जागरण ने इस खबर को जागरण सिटी के पेज चार पर लीड कॉलम में लीड लिया गया है। सरकारी चिकिस्तकों के सीएमओ कार्यालय के सामने एकत्र होकर नारेबाजी करने को सबहेड में उभारा गया है। हिसार के सरकारी चिकित्सकों के लंबित मांगों को लेकर ओपीडी बाधित करने सीएमओ के सामने ठंड में आग जलाकर बैठे रहने को इंट्रो में बताया गया है। रिटायर्ड डॉक्टरों व कंसल्टेंट को गायनी ओपीडी में मरीजों की जांच के लिए बैठाने और नागरिक अस्पताल के साथ अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से पीजी विद्याथियों को ओपीडी के लिए बुलाने की भी जानकारी दी गई है। एसएमओ की आवश्यकता के कारण कैडर में ठहराव आया हेडिंग से एक बॉक्स लिया गया है। इस खबर में मरीजों की परेशानी और डॉक्टरों की मुख्य मांगों को प्वाइंटर के माध्यम से दर्शाया गया है। दो तस्वीर इस खबर में लिया है। एक तस्वीर में सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते डॉक्टर और दूसरे तस्वीर में नागरिक अस्पताल में मरीज का चेकअप करते दिखाया गया है। इस खबर के साथ तीन कॉलम की एक खबर को इनसेट किया गया है। जिसकी हेडिंग अस्पतालों को रेगुलाइज करवाने की मांग है।
नोट- इस खबर के मामले में अमर उजाला ने बेहतर किया है। अमर उजाला ने इस खबर का प्लेसमेंट बढ़िया किया है। जबकि दैनिक जागरण का डिजायन प्रभावशाली नहीं दिख रहा है।
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कोहरे का असर
अमर उजाला ने फ्लायर और दैनिक जागरण ने जागरण सिटी के पेज वन पर बॉटम लिया है।
सभी के शीर्षक हैं ः-
हाय रे जाड्डा ( अमर उजाला )
कोहरा ः लंबे रूट की बसें हो सकती हैं बंद ( दैनिक जागरण )
अमर उजाला ने इस खबर को माई सिटी के पेज वन पर आठ कॉलम की एक बड़ी तस्वीर के साथ लिया है। इस खबर में कंटेंट के नाम पर सिर्फ तस्वीर है । इसके सबहेड में बताया गया है कि सीजन का पहला कोल्ड डे था। दिन के तापमान को 15. 7 डिग्री पहुंचने और प्रदेश का सबसे ठंडी बालसमंद की रात होने की जानकारी को इंट्रो में दर्शाया गया है। हिसार में कोहरे के साथ ठंड का प्रकोप बढ़ने और दृश्यता 50 मीटर होने से जिले में रेड अलर्ट जारी करने की भी जानकारी दी गई है। साढ़े चार घंटे धूप निकलने और गोरखधाम एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें पहुंची लेट हेडिंग से दो बॉक्स लिया गया है।
दैनिक जागरण ने इस खबर को बॉटम में लिया है। कोहरे का असर बसों और ट्रेनों पर दिखने और इस कारण सात ट्रेन के लेट होने की जानकारी इंट्रों में दी गई है। कोहरे के कारण लेट होने वाली ट्रेनों की जानकारी बॉक्स में दी गई है। इस खबर के अलावा एक और खबर जागरण सिटी के पेज पर बॉटम में लिया है जिसकी हेडिंग गेहूं और सरसों के लिए कारगर है धूंध की बौछार
नोट- अमर उजाला ने एक बड़ी तस्वीर लेकर इस खबर को उभारा है। कंटेंट ज्यादा नहीं है लेकिन तस्वीर आर्कषक है। जबकि दैनिक जागरण ने दो खबर कोहरे से संबंधित लिया है। दोनों खबरों में एक तीन कॉलम में और दूसरी चार कॉलम में बॉटम लिया। इस खबर में एक भी तस्वीर बड़ी नहीं ली गई है। इस कारण अमर उजाला ने बेहतर किया है।